मंदसौर। रविवार को भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव के दरबार छप्पन भोग की
सुगंध से महक उठा। कई तरह की मिठाइयों व नमकीन का नैवेद्य मंदिर के गर्भगृह
में लगाया गया। इससे पहले भोलेनाथ का महारुद्राभिषेक किया गया। फिर हवन-पूजन
के साथ ही मंदिर के शिखर पर ध्वजा भी चढ़ाई गई। दिन भर भक्त बाबा के जयकारे
लगाते रहे। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी प्रात:काल आरती
मंडल के तत्वावधान में रविवार को महारुद्राभिषेक के साथ हवन, पूजन से
महाअनुष्ठान किया गया। इसके बाद छप्पन भोग का नैवेद्य भगवान को अर्पित किया
गया।
परिसर में गुंजायमान हो रहे थे। सुबह पंडितों की मंडली ने पूजन-अर्चन शुरू
कराया। इसके बाद ध्वजा का मंडल सदस्यों ने पूजन-अर्चन कर शिखर पर चढ़ाई।
मंदिर परिसर में स्थित अन्य मंदिरों के शिखर पर भी ध्वजा चढ़ाई गई। भगवान का
महा अभिषेक कर अभिषेक किया गया। इसके पश्चात भगवान का फूलों, चंदन, अबीर,
गुलाल, अक्षत, कमल के फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। दोपहर में शुद्ध देशी
घी से बनी छप्पन भोग की मिठाइयों का नैवेद्य का भोग भगवान को अर्पित किया गया।
इसके बाद हवन की पूर्णाहुति हुई और महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। दिन भर
भक्तों का आने-जाने का क्रम लगा रहा। सुबह से मौसम सुहाना हो गया था। भक्त शहर
सहित ग्रामीण अंचलों से दिन-भर दर्शन करने आते रहे।
ये मिठाइयां बनाई गई छप्पन भोग में
मंदिर गर्भगृह में लगाए गए छप्पन भोग के नैवेद्य में मक्खन बड़ा, केसर रोल,
मोहन भोग, मोतीपाक, मैसूर पाक, इमरती, जामुन, घेवर, इमरती, बर्फी, चूरमे के
लड्डू, पेड़ा, नमकीन मठरी सहित अनेक मिठाईयों व व्यंजनों का नैवेद्य अर्पित
किया गया।


