भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल जी ने पिछले दो वर्षों में ग्रामीण विकास के नाम पर मोहन सरकार की विफलताओं को उजागर करते हुए एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग अध्यक्ष श्री मुकेश नायक जी, प्रदेश प्रवक्ता श्री रवि सक्सेना, श्री आनंद जाट एवं श्री विक्रम चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
श्री कमलेश्वर पटेल जी ने कहा कि भाजपा सरकार ने ग्रामीण विकास की रीढ़ कही जाने वाली योजनाओं को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। मनरेगा योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में पंजीकृत मजदूरों में से एक प्रतिशत मजदूर को भी पूरे 100 दिन का रोजगार नहीं मिल पाया, जो सरकार की गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को बिहार के मधुबनी से प्रधानमंत्री द्वारा 179 करोड़ रुपये प्रदेश की महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक से भेजने की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि एक रुपये भी महिलाओं के खाते में नहीं पहुंचा, यह केवल प्रचार की राजनीति थी।
आजीविका मिशन की स्थिति पर बोलते हुए श्री पटेल ने कहा कि इस मिशन के अंतर्गत 2 प्रतिशत महिलाओं को भी रोजगार नहीं मिल पा रहा है। मिशन के माध्यम से शुरू किए गए 6 पोषण आहार संयंत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए, जिसके कारण प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा। परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश आज शिशु मृत्यु दर में देश में पहले स्थान पर और मातृ मृत्यु दर में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
श्री कमलेश्वर पटेल ने याद दिलाया कि उनके पंचायत मंत्री रहते हुए महिलाओं को दिए जाने वाले ऋण की ब्याज दर 2 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत की गई थी, जिससे लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिली थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने ऐसे जनहितकारी प्रयासों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 23,000 पंचायतों में से मात्र 71 पंचायतों को सांसदों द्वारा गोद लिया गया, लेकिन एक भी पंचायत को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित नहीं किया जा सका, जो भाजपा के दावों की पोल खोलता है।
आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित “एक बगिया मां के नाम” योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए श्री पटेल ने कहा कि डिंडोरी जिले में सूखे पौधे वितरित किए गए और लगभग 14 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया। इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज कर दी गई, जो सच्चाई दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में आजीविका मिशन भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।
श्री पटेल ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और संबल योजना जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में पिछले दो वर्षों से राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिससे ग्रामीण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत विभाग के अंतर्गत संचालित 18 अलग-अलग योजनाओं में वर्ष 2024–25 में एक रुपये का भी खर्च नहीं किया गया, जो सरकार की नीयत और प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीण लोकतंत्र पर हमला बताते हुए श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि ग्राम सभाओं को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है। आज पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए जनप्रतिनिधियों को पंचायत मंत्री तक आवेदन करना पड़ता है, जिससे पंचायती राज व्यवस्था का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो गया है।
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