भोपाल
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी ने इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की घटना को भाजपा सरकार की घोर लापरवाही, संवेदनहीनता और सत्ता के अहंकार का परिणाम बताया है।
श्री पटवारी ने कहा,
“भाजपा नेताओं में सत्ता का अहंकार रावण से भी बड़ा हो गया है। तभी जब पत्रकार जनता के सवाल पूछते हैं, तो मंत्री उन्हें गालियाँ देते हैं। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही सोच का परिचायक है।”
उन्होंने कहा कि इंदौर की जनता ने बार-बार भाजपा पर भरोसा जताया—
“इंदौर ने भाजपा को सांसद, 9 विधायक, महापौर और पूरा नगर निगम दिया। बदले में भाजपा ने शहर को ज़हरीला पानी दिया और मौतें सौंप दीं। आज 13 मौतों की बात सामने आ रही है, जबकि स्वयं मुख्यमंत्री केवल 4 मौतें स्वीकार कर रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री भी मौतों की संख्या छिपाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं?”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि अब तक दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
“मुख्यमंत्री सही निर्णय क्यों नहीं ले रहे? जिनकी लापरवाही से निर्दोष नागरिकों की जान गई है, उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का मामला दर्ज होना चाहिए। इंदौर के महापौर भी इस प्रशासनिक विफलता के लिए जिम्मेदार हैं।”
श्री पटवारी ने कहा कि गंदा पानी पीने के कारण इंदौर में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद पूरी भाजपा सरकार सत्ता के नशे में मदहोश नजर आ रही है।
“ना संवेदना है, ना सुरक्षा, ना जवाबदेही।”
उन्होंने मुख्यमंत्री जी को संबोधित करते हुए कहा,
“इस दुखद घटना में मैं और पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस मानवीय संकट में सरकार के साथ सहयोग को भी तैयार है। लेकिन मुख्यमंत्री पद की गरिमा निभाते हुए आपको अपनी रीढ़ की हड्डी दिखानी होगी—दोषी लोगों से तत्काल इस्तीफा लेना होगा और पीड़ित परिजनों की वास्तविक, ठोस मदद सुनिश्चित करनी होगी। केवल बयान, दौरे और इवेंट से किसी परिवार का दर्द कम नहीं होगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विषय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी और जवाबदेही का है।
“दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपकी सरकार की लापरवाही पीड़ितों की ज़िंदगी को और अधिक कठिन बना रही है।”
श्री पटवारी ने मांग की कि
“इंदौर के लिए तुरंत एक मजबूत, सक्षम और स्वतंत्र प्रभारी मंत्री की नियुक्ति की जाए, जिसे स्पष्ट अधिकार हों कि वह जवाबदेही तय करे, दोषियों पर कार्रवाई करे और आवश्यक होने पर उनसे इस्तीफा ले सके।”
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है, जिसकी जांच जारी है।
“जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए। मुख्यमंत्री को दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करानी चाहिए और पत्रकारों से दुर्व्यवहार करने वाले मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए।”
अंत में श्री पटवारी ने कहा,
“भाजपा सरकार का अहंकार और कुशासन अब जनता की जान ले रहा है। कांग्रेस पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।”

