एक्सपायरी दवा कांड पर कांग्रेस का तीखा हमला, सरकार को जनआंदोलन की चेतावनी**
इंदौर/भोपाल, 20 नवम्बर 2025।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में लगातार सामने आ रही गंभीर लापरवाहियों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस अस्पताल में जहरीले कफ सिरप से 24 मासूमों की मौत के बाद भी सुधार नहीं हुआ, वह आज “जीवन दायिनी नहीं, मौत का अड्डा” बन चुका है।
नेशनल खिलाड़ी को चढ़ाई गई तीन महीने पुरानी एक्सपायरी एंटीबायोटिक
एक नेशनल खिलाड़ी को एमवाय हॉस्पिटल के मेडिसिन वार्ड में तीन माह पहले एक्सपायर हो चुकी एंटीबायोटिक फ्लूड चढ़ा दी गई।
जब मरीज के परिजन ने दवा की एक्सपायरी पर सवाल उठाया, तो नर्स का जवाब था—
“एक्सपायरी दवा कुछ दिन चलती है।”
पटवारी ने इसे “अमानवीय मानसिकता और सिस्टम की संवेदनहीनता” का प्रतीक बताया।
मीडिया जांच में खुलासा — कई मरीजों को चढ़ रही थी एक्सपायरी स्लाइन
स्थानीय मीडिया की जांच में सामने आया कि—
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कई वार्डों में एक्सपायरी स्लाइन और दवाएँ मरीजों को चढ़ाई जा रही थीं।
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मामला टीवी और सोशल मीडिया पर आने के बाद ही अस्पताल प्रशासन ने स्टोर रूम से पुरानी स्लाइन निकालकर नष्ट करने की जल्दबाज़ी शुरू की।
पटवारी ने इसे “दुर्घटना के बाद ब्रेक लगाने जैसा दिखावटी कदम” बताया।
पुरानी घटनाओं का भी जिक्र — चूहे काटने से लेकर मशीनों की खराबी तक
कांग्रेस ने याद दिलाया कि यह वही एमवाय अस्पताल है जो—
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वार्डों में चूहों द्वारा नवजातों व मरीजों को काटने,
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खराब मशीनों,
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स्टाफ की कमी,
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और गंदगी
जैसे मामलों के कारण पहले भी सुर्खियों में रहा है।
पटवारी ने कहा कि सरकार ने कोई ठोस सुधार नहीं किए, इसलिए मरीजों की ज़िंदगी हर दिन दांव पर लगी हुई है।
“एक्सपायरी दवा चढ़ाना हत्या के प्रयास जैसा अपराध” — पटवारी
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा—
“यह सिस्टमेटिक फेल्योर है। 24 बच्चों की मौत हो या अब एक्सपायरी दवा चढ़ाने की घटनाएँ—सरकार की संवेदनहीनता का भयावह चेहरा उजागर होता है। एक्सपायरी दवा चढ़ाना सीधा–सीधा हत्या के प्रयास की श्रेणी में आता है।”
उन्होंने पूछा—
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जिम्मेदार कौन है?
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24 बच्चों की मौत के बाद सुधार क्यों नहीं हुए?
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लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
एमवाय पर कांग्रेस के 5 सीधे सवाल
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दवाओं और स्लाइन की एक्सपायरी मॉनिटरिंग कौन कर रहा था?
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स्टोर इंचार्ज, ड्रग इंस्पेक्टर और हॉस्पिटल प्रशासन चुप क्यों थे?
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चूहे काटने, ऑक्सीजन की कमी और अब एक्सपायरी दवाओं के बावजूद एक भी बड़ा अधिकारी दंडित क्यों नहीं हुआ?
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24 मृत बच्चों के मामले में कितने अधिकारियों पर केस दर्ज हुए?
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क्या सरकार पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी?
कांग्रेस की चेतावनी — ‘जनआंदोलन किया जाएगा’
जीतू पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि—
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दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हुए,
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और समयबद्ध जांच कर पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई,
तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी।
उन्होंने कहा—
“लड़ाई सिर्फ एक अस्पताल की नहीं, उस सोच की है जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था को ठेकेदारी और भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया है। जब तक न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।”

